Question
एक वेबसाइट ने बताया कि मैं मांगलिक हूँ — क्या यह गंभीर बात है?
Reply
आपके लग्न से मंगल सातवें भाव में है, इसलिए उस साधारण उपकरण ने दोष दिखाया। लेकिन शास्त्रानुसार दो परिहार यहाँ लागू होते हैं: पहला, मंगल स्वक्षेत्री है — जो दोष के बड़े हिस्से को निष्क्रिय कर देता है; दूसरा, गुरु की दृष्टि सातवें भाव पर है। चंद्र से देखें तो मंगल किसी भी दोष-कारक भाव में नहीं है। शास्त्रीय पद्धति से यह निरस्त / नाममात्र का मांगलिक योग है, कोई गंभीर दोष नहीं। ग्रंथों का व्यावहारिक निर्देश यह है: इस लेबल को अवरोध मानने की बजाय वर-वधू की कुंडलियों का परस्पर मिलान करें — और यदि दोनों में मंगल दोष हो, तो वह परस्पर निरस्त हो जाता है।
